रिकवरी के आदेश को समाप्त करने के सम्बन्ध में शासनादेश जारी करने पर बनी सहमति

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देहरादून। प्रदेश के सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, लघु-सिंचाई, वर्षा जल संग्रहण, जलागम प्रबन्धन, भारत-नेपाल उत्तराखण्ड नदी परियोजनाएं, पर्यटन, तीर्थाटन, धार्मिक मेले एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में डिप्लोमा इंजीनियर्स समस्या समाधान समिति के साथ बैठक की। बैठक में कर्मचारियों के हितों में महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर सहमति बनी।बैठक में विभिन्न विभागों में कार्यरत अभियंताओं को कार अनुरक्षण भत्ता की अनुमन्यता विषय पर सहमति प्रकट की गई। इसके अलावा लघु सिंचाई विभाग में ऑडिट द्वारा मोटर साईकिल एवं स्कूटर की भत्तों का पुनर्निरीक्षण करने के बाद होने वाले रिकवरी के आदेश को समाप्त करने के सम्बन्ध मंे शासनादेश जारी करने पर भी सहमति बनी। अन्य महत्वपूर्ण बिन्दु में तीन माह के भीतर, समस्त तकनीकी विभागों के अभियंताओं की एक ही सेवा नियमावली तैयार किए जाने के संबंध में शासनादेश जारी करने पर सहमति बनी।प्रोन्नत वेतनमान में विसंगति को समाप्त करने के लिए वित्त विभाग को परीक्षण करने का निर्देश दिया गया।वेतन एवं पेंशन में, तदर्थ सेवा की गणना का लाभ दिये जाने के संबंध में वित्त विभाग द्वारा शासनादेश जारी करने पर भी सहमति बनी।सहमति के महत्वपूर्ण बिन्दु में, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण निर्माण विभाग, पेयजल निगम एवं सिंचाई विभाग में प्रभारी सहायक अभियंता बनाने हेतु 15 दिनों में आदेश जारी किया जाएगा तथा उक्त विभाग के ढांचे का पुनर्गठन भी किया जाएगा।उत्तराखण्ड अधिकारी, कर्मचारी समन्वय मंच के मांग पत्र पर अतिशीघ्र माननीय मुख्यमंत्री से वार्ता की जायेगी तथा पेयजल निगम, जल संस्थान एवं अन्य तकनीकी विभागों के एकीकरण की कार्यवाही शीघ्र की जायेगी।इस अवसर पर अपर सचिव वित्त अरूणेन्द्र चौहान, प्रमुख अभियन्ता सिंचाई मुकेश मोहन, महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष हरीश नौटियाल, अजय बेलवाल, पूर्व अध्यक्ष नवीन कांडपाल, संरक्षक यू.एस.मैहर, चेयरमैन संघर्ष समिति एस.के.चतुर्वेदी, सचिव प्रोन्नत अरविन्द सिंह सजवाण, अध्यक्ष लघु सिंचाई अलोक श्रीवास्तव, महामंत्री लोक निर्माण विभाग एस.एस. चौहान, अध्यक्ष ग्रामीण अभियंत्रण विभाग एस.पी.काला, संरक्षक पेयजल निगम योगेन्द्र सिंह, महासचिव सिंचाई विभाग अनिल पंवार, प्रान्तीय सचिव परिवार कल्याण जगमोहन सिंह रावत आदि मौजूद थे।

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