भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में बंशीधर भगत सबसे आगे

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हल्द्वानी। इन दिनों भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर सजगर्मीयां जोरो पर हैं. पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा ईसे लेकर तरह तरह की चर्चाएं हैं। पार्टी हाईकमान भी मजबूत हाथों में उत्तराखंड की कमान सौपना चाहता है। कमान किसे सौंपी जाये इस पर गंभीर मंथन किया जा रहा है. चुकी अध्यक्ष कुमाऊ से बनना तय है। ऐसे में कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत का नाम लिस्ट मै सबसे ऊपर देखा जा रहा है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव 16 जनवरी को होगा। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने चुनाव कराए जाने को लेकर प्रदेश संगठन को निर्देश जारी कर दिए हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी को चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी। इसी दिन केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेधवाल देहरादून पहुंचेंगे। उनकी देखरेख में नए अध्यक्ष का चुनाव होगा। भट्ट ने कहा कि नए प्रदेश अध्यक्ष को वे अपना पूरा सहयोग देंगे। इस संबंध में अपनी इच्छा से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को उन्होंने अवगत करा दिया है। उन्होंने कहा कि वे अपने सांसद के दायित्व से संतुष्ट हैं। वे अपने संसदीय क्षेत्र की जनता की सेवा और क्षेत्र के विकास के लिए अधिक से अधिक कार्य करना चाहते हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव दिसंबर महीने में होना था। लेकिन नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में जनजागरण अभियान के चलते पार्टी ने चुनाव टाल दिए।

इस बीच केंद्रीय नेताओं की मौजूदगी में प्रदेश अध्यक्ष के पैनल को लेकर प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक में संभावित दावेदारों के नामों पर विचार हुआ था। पैनल के नाम केंद्रीय नेतृत्व भेज दिए गए थे। प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव सर्वसम्मति होने के आसार हैं। पार्टी क्षेत्रीय और जातीय समीकरण के आधार पर नया कप्तान चुनेगी। वर्तमान में प्रदेश सरकार की बागडोर त्रिवेंद्र सिंह रावत के हाथों में है। रावत गढ़वाल से हैं और क्षत्रिय हैं।अब संगठन की कमान कुमाऊं से ब्राह्मण नेता के हाथों सौंपने की संभावना है।

इस आधार पर सांसद व प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के अलावा पूर्व कैबिनेट मंत्री व विधायक बंशीधर भगत, कैलाश जोशी, केदार जोशी और कैलाश पंत के नाम चर्चा में हैं। लेकिन अजय भट्ट अपने संसदीय क्षेत्र में अधिक से अधिक समय देना चाहते हैं।

ऐसे में कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत को मजबूत दावेदार कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत को मजबूत दावेदार के तौर पर देखा जा रहा हैं। बंशीधर भगत 6 बार विधायक बन चुके है। वह वर्ष 1975 में जनसंघ पार्टी से जुड़े। इसके बाद उन्होंने किसान संघर्ष समिति बनाकर राजनीति में प्रवेश किया। राम जन्म भूमि आंदोलन में वह 23 दिन अल्मोड़ा जेल में रहे। वर्ष 1989 में उन्होंने नैनीताल-ऊधमसिंह नगर के जिला अध्यक्ष का पद संभाला। वर्ष 1991 में वह पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा में नैनीताल से विधायक बने। फिर 1993 व 1996 में तीसरी बार नैनीताल के विधायक बने।

इस दौरान उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार में खाद्य एंव रसद राज्यमंत्री, पर्वतीय विकास मंत्री, वन राज्य मंत्री का कार्यभार संभाला। वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद वह उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री रहे। वर्ष 2007 में हल्द्वानी विधानसभा वह चौथी बार विधायक बने। उत्तराखंड सरकार में उन्हें वन और परिवहन मंत्री बनाया गया। इसके बाद 2012 में नवसर्जित कालाढूंगी विधानसभा से उन्होंने फिर विजय प्राप्त की। फिर वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में छठीं जीत दर्ज की। वर्तमान मेें वह विधानसभा की प्रतिनिहित विधायन समिति के अध्यक्ष पर पर कार्य कर रहे है। जिसके चलते पार्टी हाईकमान उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप सकता है।

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