होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन

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देहरादून। श्री साई धाम तिलक रोड देहरादून मे होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नया साई भजन ”सुन मेरी अरदास ” का भी अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया।
आज तिलक रोड देहरादून स्थित श्री साई धाम मंदिर मे होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान अपने विचार व्यक्त करते हुये मन्दिर के मुख्य संस्थापक शरद कुमार नागलिया ने कहा की भारत देश त्योहारों का देश है, यहाँ भिन्न जाति के लोग भिन्न भिन्न त्यौहार को बड़े उत्साह से मनाया करते है और इन्ही त्यौहार में से एक त्यौहार है “होली”। भारत में सामान्तया त्यौहार हिंदी पंचाग के अनुसार मनाये जाते है। इस तरह होली फाल्गुन माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है। यह त्यौहार बसंत ऋतू के स्वागत का त्यौहार माना जाता है। रंगो के इस त्यौहार को “फाल्गुन महोत्सव” भी कहा जाता है, इसमें पुराने गीतों को ब्रज की भाषा में गाया जाता। होली रंग का त्यौहार है पर सावधानी से मनाया जाना जरुरी है। आजकल रंग में मिलावट होने के कारण कई नुकसान का सामना करना पड़ता है इसलिए गुलाल से होली मानना ही सही होता है।
इस अवसर पर मन्दिर के मुख्य संस्थापक शरद कुमार नागलिया ने टी-सिरिंज एवं उत्तराखण्ड के उभरते कलाकार अमन काम्बोज के द्वारा गाया हुआ नया साई भजन ”सुन मेरी अरदास ” का विमोचन किया गया। श्री नागलिया ने साई भजन ”सुन मेरी अरदास ” का विमोचन करते हुये कहा की कहते हैं कि जीवन में किसी भी तरह की समस्या हो या कोई मनोकामना होतो साईं बाबा के ग्यारह वचनों के पाठ से हर परेशानी दूर होती हैं और मनचाहा वरदान मिलता हैं। साईं बाबा को एक चमत्कारी पुरुष, अवतार और भगवान का स्वरुप माना जाता है। इनको भक्ति परंपरा का प्रतीक माना जाता है। साईं बाबा का जन्म और उनसे जुड़ी दूसरी चीजें अभी अज्ञात हैं। इनका मूल स्थान महाराष्ट्र का शिरडी है, जहां पर भक्त इनके स्थान के दर्शन के लिए जाते हैं। साईं को हर धर्म में मान्यता प्राप्त है, हर धर्म के मानने वाले साईं में आस्था रखते हैं। साईं की उपासना बृहस्पतिवार के दिन विशेष रूप से की जाती है। मुख्यतौर पर तीन रूपों में की जाती है साईं की उपासना। चमत्कारी पुरुष के रूप में, भगवान के रूप में और गुरु के रूप में। गुरु के रूप में इनकी पूजा उपासना सबसे उत्तम होती है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से गायक हिमांशु काम्बोज, मन्दिर के मुख्य संस्थापक शरद कुमार नगलिया, अक्षत अग्रवाल, हरीश कुकरेजा, रोशन राणा, हेमराज, कार्यक्रम की सयोजिका श्रीमती सुमन नगलिया, भजन गायक विनोद, एके म्यूज़िक कम्पनी के सभी कलाकार यश (तबला), मानव (ढोल बीट्स), शोरिये पेटवाल, सुनील (ड्रम) मौजूद रहे।

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