निजी स्कूलों में शुल्क एक्ट इसी सत्र से लागू करने की मांग

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हल्द्वानी। हाईकोर्ट द्वारा बीते दिनों प्राइवेट स्कूल प्रबंधन के एनसीईआरटी की किताबों को स्कूलों की अधिकृत दुकानों ही खरीदने के प्रबंधन के दबाव के मामले में विद्यालयी शिक्षा निदेशक से तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करने के आदेश का स्वागत करते हुए स्टूडेंट गार्जियन टीचर वैलफेयर सोसायटी ने सरकार से निजी स्कूलों के लिए निर्धारित शुल्क एक्ट को इसी शिक्षा सत्र से लागू करने की मांग की है।

यहां पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्टूडेंट गार्जियन टीचर वैलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष पंकज खत्री ने कहा कि निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ सोसायटी के माध्यम से समस्याओं को उठाया जाता रहा है। जिसके तहत प्रत्येक कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या निर्धारित करने, विद्यालय में बुक बैंक की स्थापना, अवकाश के महीनों का शुल्क प्रतिबंधित करने, यूनिफार्म व किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों की स्वतंत्रता, स्कूलों में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध, निजी विद्यालयों द्वारा रिफ्रेंस बुक के नाम पर लगाई जा रही निजी प्रकाशकों की अधिक दामों की किताबें प्रतिबं‌धित करने, जैसी फीस, वैसी सुविधा विद्यालय प्रबंधक वर्ग द्वारा अभिभावकों को देने तथा विद्यालय के शिक्षकों द्वारा अपने यहां छात्रों को ट्यूशन पढ़ने के लिए बाध्य न करने समेत अन्य मुद्दों को लेकर नवंबर माह में एक जनहित याचिका उच्च न्यायालय में दायर की गई थी। जिसकी सुनवाई के क्रम में उच्च न्यायालय द्वारा विद्यालयी शिक्षा निदेशक से तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा गया है, उच्च न्यायालय का यह निर्णय स्वागतयोग्य है। उन्होंने कहा कि यदि इन मुद्दों पर उचित कार्यवाही होती है तो स्कूलों की मनमानी पर रोक लगेगी और बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा फीस एक्ट इसी सत्र में लागू किया जाये तथा नये सत्र में पुराने छात्र-छात्राओं की किताबें जमा करने पर हरियाणा की तर्ज पर उन्हें दो प्रतिशत अतिरिक्त अंक दिये जायें। पत्रकार वार्ता में प्रकाश सती, देवीदत्त सुयाल, नरेंद्र बिष्ट, तन्मय पांडे, मुन्ना दुर्गापाल, पार्षद अंजू जोशी, पूनम जोशी, गीता उप्रेती मौजूद रहे।

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