लंबित मांगों को लेकर ओबीसी कर्मचारियों का धरना, ज्ञापन

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हल्द्वानी। उत्तराखंड एससी, एसटी इम्पलाईज फैडरेशन के बैनरतले कर्मचारियों ने उत्तराखंड राज्य के एससी, एसटी, ओबीसी कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर रविवार को बुद्ध पार्क में धरना देकर सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा।

ज्ञापन के माध्यम से उच्च न्यायालय के 15 नवम्बर 2019 के आदेश के क्रम में इन्दु कुमार कमेटी व जस्टिस इरशाद हुसैन की रिपोर्ट सार्वजनिक कर उसका परीक्षण कर रिपोर्ट के अनुसार एससी-एसटी का प्रतिनिधित्व पूर्ण न होने की स्थिति में तत्काल कानून बनाकर प्रमोशन में आरक्षण बहाल किया जाए। सीधी भर्ती में रोस्टर की समीक्षा करने हेतु गठित मदन कौशिक समिति की रिपोर्ट जब तक नहीं आ जाती, तब तक पुरानी रोस्टर प्रणाली के अनुसार ही सीधी भर्ती करने, राज्य स्थापना दिवस 9 नवम्बर 2000 को जनजाति के रोस्टर को शून्य मानकर उक्त तिथि से ही पदोन्नति, सीधी भर्ती में जनजाति का रोस्टर प्रारंभ करने, उत्तराखंड राज्य में ओबीसी को राजकीय सेवा में आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत निर्धारित करने तथा पदोन्नति में भी ओबीसी को आरक्षण देने, उत्तराखंड राज्य के विभिन्न विभागों में बैकलाॅग के रिक्त पदों को विशेष भर्ती अभियान के तहत तत्काल भरने, विभिन्न सरकारी संस्थानों में संविदा, आउटसोर्स के माध्यम से की जा रही नियुक्तियों में भी आरक्षण शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग की गई है। ज्ञापन की प्रति राज्यपाल उत्तराखंड व मुख्यमंत्री को भी प्रेषित की गई है। इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष माधोराम आर्या, प्रकाश राम बेरी, हरीश चन्द्र आर्या, विनोद कुमार, बच्ची राम आर्या, जगदीश चैधरी, सुंदर राम, केआर आर्या, पीसी आर्या, सुधानंद, निर्मला आर्या, कौशल्या देवी, सुमित्रा प्रसाद, राधा, जीआर आर्या, अजय आर्या, अभिषेक कुमार, रोहित कुमार, नरेश कुमार, चंदन प्रकाश, बसंत आर्या, नीलम आर्या, आशा आर्या समेत दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे।

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