सीएए-एनपीआर-एनआरसी के खिलाफ धरना-सत्याग्रह शुरू

खबर शेयर करें

हल्द्वानी। संविधान बचाओ मंच के बैनर तले मोदी सरकार द्वारा सीएए-एनपीआर-एनआरसी के खिलाफ व संविधान की मूल भावना पर लगातार जारी हमलों के विरुद्ध आज प्रातः 11 बजे से 28 जनवरी प्रातः 11 बजे तक के 72 घंटे का धरना-सत्याग्रह शुरू कर दिया है। जिसकी शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक पाठ से हुई और तय किया गया कि कल गणतंत्र दिवस के अवसर पर बुद्धपार्क में झंडारोहण किया जायेगा। धरना-सत्याग्रह को संबोधित करते हुए राजा बहुगुणा ने कहा कि देश में हो रहे प्रचण्ड विरोध को मोदी सरकार को नागरिकता संशोधन कानून को वापस ले लेना चाहिए, इसी में मोदी-शाह की सरकार और देश दोनों का ही भला है। मोदी सरकार के निरंकुश तौर तरीकों की न सिर्फ देश में बल्कि पूरी दुनिया में फजीहत हो रही है। उन्होंने कहा कि एक आज़ादी की जंग अंग्रेजों के खिलाफ चली जिसके परिणामस्वरूप अम्बेडकर के नेतृत्व में संविधान का जन्म हुआ और आज फिर से एक दूसरी आज़ादी की लड़ाई लड़ी जा रही है जो देश, लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए है।बड़ी मस्जिद के इमाम सैय्यद इरफान रसूल ने कहा कि हमारे देश का संविधान भाईचारे, समानता, बंधुत्व, धर्मनिरपेक्षता, न्याय, स्वतंत्रता की मूल भावना पर आधारित है जिसकी इस सरकार द्वारा उपेक्षा की जा रही है। मोदी सरकार देश में धर्म आधारित राजनीति कर विभाजनकारीमाहौल पैदा कर देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे पर चोट कर रही है।
जनकवि बल्ली सिंह चीमा ने कहा कि मोदी राज में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर जिस तरह से अंकुश लगाने की कोशिशें हो रही हैं वे आपातकाल की याद दिला रही हैं। जनता के पक्ष में खड़े होकर आवाज उठाने वाले कवि, लेखक, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों, प्रोफेसरों, कलाकारों और छात्रों को देशद्रोही घोषित किया जा रहा है, ये कैसा लोकतंत्र है। इस सरकार ने संविधान और लोकतंत्र का मजाक बना कर रख दिया है। इसलिए मोदी सरकार का प्रतिकार करना हर बुद्धिजीवी, लेखक व भारतीय नागरिक का कर्तव्य बन गया है।
मुफ्ती शाहिद रजा जमाली ने कहा कि अभी मोदी सरकार ने धर्म आधारित नागरिकता के बहाने संविधान पर सेंध लगायी है, यदि इस सरकार को यहां नहीं रोका गया तो फिर जाति व महिलाओं के उत्पीड़न को संविधान में सूचीबद्ध करेंगे। यही संघी मनुवादियों की वैचारिक प्रतिबद्धता है।
जी आर टम्टा ने कहा कि बाबा साहब अम्बेडकर द्वारा सभी धर्मों और जातियों को समान दृष्टि से देखते हुए संविधान का निर्माण किया गया था। संविधान में एक समतामूलक समाज की स्थापना का लक्ष्य निहित है लेकिन आज की सरकार जिस प्रकार से संविधान की मूल भावना को आहत कर रही है वह दुःखद है।
नफीस अहमद खान ने कहा कि संविधान की शपथ लेकर सत्ता में आई सरकार संविधान विरोधी आचरण कर रही है।सरकार को देशहित में संविधान विरोधी नागरिकता संशोधन कानून तत्काल प्रभाव से वापस लेना चाहिए।
वक्ताओं ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत के आंदोलन में बाहरी हाथ होने वाले बयान की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा जन समस्याओं के समाधान की कोशिश करने के बजाय हमेशा उसमें बाहरी हाथ तलाशने का काम करती है और हर मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास करती है। होना तो यह चाहिए था कि प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री अपने देश के लोगों से बात कर समस्या का हल निकालने की कोशिश करते परन्तु ठीक इसके उलट शांतिपूर्ण ढंग से चल रहे आंदोलन में बाहरी हाथ बता कर राज्य के मुख्यमंत्री मामले को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन जनता की एकता को देखते हुए वे इसमें सफल नहीं होंगे।धरना-सत्याग्रह के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी द्वारा उकसाने वाली बयानबाजी को निंदनीय बताते हुए शांतिपूर्ण तरीके से धरने में बैठी महिलाओं पर जगह जगह किये जा रहे दमन और लाठीचार्ज की निंदा की गई और योगी को उप्र के मुख्यमंत्री के पद से हटाने की मांग की गई। इस अवसर पर बड़ी मस्जिद के इमाम सैय्यद इरफान रसूल, राजा बहुगुणा, पार्षद शकील अंसारी, जी आर टम्टा, नफीस अहमद खान, किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनन्द सिंह नेगी, अब्दुल कादिर, अलीम खान, सिराज अहमद, हाजी मतीन सिद्दीकी, शोएब अहमद, बहादुर सिंह जंगी, एडवोकेट अंजू राज, एडवोकेट बसंत कुमार, संजय बघरवाल, शाजिया, सुहाना, शबनम, बेबी, सबा, नसरीन, गुलाफ्शां, शकीना, विमला रौथाण, निर्मला, शावरी बेगम, बाबू पेंटर, शमशाद अंसारी, मो फहीम, इसरार अहमद, रईस अंसारी, गोविंद राम गौतम, मो अय्यूब, शरीफ खान, इकराम, बी आर आर्य, प्रदीप कुमार, बिहारी लाल, रघुनाथ प्रसाद, वीरेंद्र कुमार,गुरप्रीत सिंह प्रिंस, हेमंत बगड़वाल, राहुल छिमवाल, किशन लाल, रोशन लाल, गोविंद लाल, प्यारे लाल, गौरी शंकर, एन डी जोशी, पी पी आर्य, मोहन मटियाली, नाजिम अंसारी, सरताज आलम, हरीश लोधी, हेमंत साहू, भुवन जोशी, गोविंद जीना, गणेश दत्त पाठक, नसीर, सुंदर धौनी, दीप चंद्र,डॉ कैलाश पाण्डेय आदि सैकड़ों की संख्या में महिला पुरूष मौजूद रहे। सभा का संचालन नगर निगम पार्षद शकील अंसारी ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *