डॉ उपाध्याय ने हाईकोर्ट के इस फैसले को बताया स्वागतयोग्य

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हल्द्वानी। जिला प्रशासन उधसिंह नगर द्वारा माध्यमिक और बेसिक विद्यालयों के एकीकरण/विलीनीकरण की प्रक्रिया के लिए जारी किये गये शासनादेश पर उच्च न्यायालय की दो सदस्यीय पीठ ने अग्रिम आदेशों तक स्थगन आदेश पारित करने पर शांतिपुरी निवासी डाॅ गणेश उपाध्याय का कहना है कि इस प्रक्रिया की आड़ में जिला प्रशासन जहां एक ओर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है, वहीं दूसरी ओर बेरोजगारी को भी बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर गैर भाजपा सरकारें शिक्षा को मजबूत करने के लिए उसका बजट बढ़ा रही हैं तो उत्तराखंड की वर्तमान सरकार उधमसिंह नगर को प्रयोगशाला बनाकर इसे पूरे उत्तराखंड में लागू करना चाहती है। जो बाल अधिकारों के संरक्षण को लेकर उदासीन होना दर्शाता है। उन्होंने उच्च न्यायालय के इस आदेश को स्वागतयोग्य बताया है।

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