उत्तराखंड व उससे जुड़ी कुछ अहम जानकारियां

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उत्तराखंड राज्य का गठन 9 नवम्बर 2000 को उत्तर प्रदेश से हुआ।
1 जनवरी 2007 को इसका नाम उत्तराखंड जनभावनाओं को देखते हुए रखा गया।
उत्तराखंड के पूर्व में नेपाल, पश्चिम में हिमांचल, उत्तर में तिब्बत व दक्षित में उत्तर
प्रदेश हिन्दू शास्त्रों के अनुसार प्राचीन काल से ही उत्तराखंड में मानवों का वास रहा है।
कुमाउं को मानस खंड, गढ़वाल को केदार खंड के नाम से दर्शाया गया है।
उत्तराखंड का क्षेत्रफल 53,483 वर्ग किलो मीटर है। जो देश का कुल क्षेत्रफल का 1.69 प्रतिशत है और भारत का 18वां राज्य है।
उत्तराखंड के 86 प्रतिशत भाग पर पहाड़ व 65 प्रतिशत पर जंगल पाए जाते हैं। हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड 11वां राज्य है।
प्रशासनिक दृष्टि से उत्तराखंड में 13 जनपद हैं।
जनगणना 2011 के अनुसार 1,00,86,349 जनसंख्या है।
उत्तराखंड के नाम की उत्पत्ति-उत्तराखंड का नाम संस्कृत शब्दों के मेल से बना है। यहां प्रमुख रूप से हिन्दी बोली जाती है। साथ में कुमाउंनी व गढ़वाली का प्रयोग भी किया जाता है।
उत्तराखंड के जन आंदोलन- उत्तराखंड आंदोलन के लिए भी जाना जाता है। जिसमें प्रमुख रूप से चिपको आंदोलन, जो कि पर्यावरण संरक्षण हेतु 80 के दशक में चले अनूठे आंदोलन के रूप में विश्वविख्यात है।
कुली बेगार आंदोलन, डोला पालकी आंदोलन ऐसे अनेकों आंदोलन उत्तराखंड में हुए
उत्तराखंड के जनपद-कुल 13 जनपद
नैनीताल, उधमसिंह नगर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चम्पावत, उत्तरकाशी, टिहरी, रूद्रप्रयाग, पौढ़ी गढ़वाल, हरिद्वार, देहरादून, चमोली

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