एकल उपयोग प्लास्टिक का उपयोग न करने का संकल्प

खबर शेयर करें

ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में गुजरात के विभिन्न स्थानों से महिलाओं का दल तीर्थ सेवन हेतु आया उन्होने तीन दिनों तक यहां पर रहकर योग, ध्यान, गंगा आरती, गंगा स्नान और सत्संग का लाभ लिया। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने गुजरात से आयी नारी शक्ति को अध्यात्म, पर्यावरण एवं जल संरक्षण तथा विभिन्न सामाजिक विषयों पर उद्बोधन दिया। स्वामी ने कहा कि नारी शक्ति चाहे तो पर्यावरण एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में विलक्षण परिवर्तन कर सकती है। अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे परिवर्तन कर वह जल का संरक्षण कर सकती है तथा कपड़े के थैले का उपयोग कर प्लास्टिक मुक्त जीवन का निर्माण कर भी कर सकती है। महिलाओं और बेटियों के प्रति बढ़ते अपराधों पर बोलते हुये स्वामी जी ने कहा कि समाज और देश के अन्दर नारियों के प्रति जितने भी अपराध हो रहे हैं उन सभी का समाधान है ’नारियों का सशक्तिकरण’। जिस दिन नारियों का सशक्तिकरण होगा उस दिन उनके खिलाफ हो रहे अपराधों और अन्य समस्याओं का समाधान भी हो जायेगा। उन्होने कहा कि नारियों को यह सोचना होगा कि समाधान का अर्थ ही यह है कि ’’हम हैं समाधान’’। उन्हें अपने विचारों और व्यवहार में परिवर्तन लाना होगा तथा अपने आप पर विश्वास करना होगा। अगर माँ, विश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ेगी तो छोटी-छोटी बेटियों में अपने-आप विश्वास जागृत होगा। स्वामी जी ने कहा कि नारी सशक्तिकरण तभी हो सकता है जब नारियाँ शिक्षित होंगी और अपने अस्तित्व और महत्व को समझेंगी तब वह केवल अपने-आप को ही नहीं पूरे समाज को सुरक्षित कर सकती है। स्वामी जी ने कहा कि जो मातायें घर की बड़ी हैं उन्हें चाहिये कि वे ’’बेटियों को बचायें और उन्हें शिक्षित होने का अवसर प्रदान करें। महिला सश्क्तिकरण, महिला उत्थान, महिलाओं को सामाजिक बन्धनों से उपर उठकर शिक्षा के लिये प्रेरित करना ही परिवार के बड़ों का कर्तव्य होना चाहिये। साथ ही बेटियों को आर्थिक, शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनायें तभी देश उन्नति कर सकता है। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि शक्ति और प्रकृति दोनों ही मातृत्व से भरपूर है तथा दोनों में सहने और देने की अपार क्षमता है और इनके अस्तित्व को बनायें रखने के लिये सहयोग प्रदान करे। गुजरात से आयी महिलाओं ने परमार्थ गंगा तट पर होने वाली विश्व विख्यात गंगा आरती में सहभाग किया तथा स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में विश्व स्तर पर शुद्ध जल की आपूर्ति हेतु विश्व ग्लोब का जलाभिषेक किया। स्वामी जी ने सभी को एकल उपयोग प्लास्टिक का उपयोग न करने का संकल्प कराया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *