दूसरे दिन भी ताज चैराहा पर धरने में डटे रहे प्रदर्शनकारी

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हल्द्वानी। ताज चैराहा में चल रहा धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने सीएए व एनआरसी के विरोध में केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और इस कानून को वापस लेने की मांग की। इस दौरान प्रेम प्रकाश ने कहा कि मोदी सरकार ने भाईचारा व एकता समाप्त करने के लिए सीएए व एनआरसी कानून लागू किया है। केंद्र सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए इस तरह के निर्णय ले रही है। उमेश चंदोला ने कहा कि सीएए व एनआरसी का चैतरफा विरोध हो रहा है। जिसके विरोध में दिल्ली के शाहीनबाग में पिछले कई दिनों से आंदोलन चल रहा है। हल्द्वानी में चल रहे इस प्रदर्शन की आवाज दिल्ली तक पहुंचनी चाहिए, ताकि सरकार को अपने गलत निर्णयों का पता चल सके। रजनी जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार से रोजगार, भाईचारा व सबका सम्मान मांगा गया था, लेकिन सरकार जनता को गुमराह कर रही है। सरकार नोटबंदी, जीएसटी, महंगाई समेत अन्य मुद्दों से जनता का ध्यान बंटाने के लिए सीएए लागू करने का काम कर रही है, लेकिन जनता सरकार की जनविरोधी नीतियों को पूरी तरह समझ चुकी है। उजमा खान ने कहा कि मोदी सरकार पूरी तरह हिटलरशाही पर उतारू हो गई है। जिसके चलते वह इस तरह के निर्णय ले रही है। यदि मोदी सरकार गरीबों के हितों के लिए काम करती तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता। शाहजहां बेगम ने कहा कि भारत देश हमेशा से ही सौहार्द का प्रतीक रहा है। आजादी की लड़ाई में हिन्दू, मुस्लिम, सिख, इसाई सभी ने कुर्बानियां दी। लेकिन मोदी सरकार अब संविधान से छेड़छाड़ करने का काम कर रही है। जो देशहित में नहीं है। कहा कि यह सरकार अच्छे दिन दिखाने के बजाय पूरी तरह हिटलरशाही पर उतारू हो गई है। सभा को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय मंत्री अमित शाह सत्ता के नशे में चूर हैं और वह सत्ता हथियाने के लिए किसी भी तक जा सकते हैं। धरने में महिलाएं अपने बच्चों के साथ बैठी हुई हैं। जिसे देखते हुए धरनास्थल पर चाय-पानी के साथ-साथ खाने की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा ताज चैराहा की आधा दर्जन से अधिक दुकानें दो दिन से बंद हैं। दुकानदारों ने भी इस धरने को अपना समर्थन दिया है। धरनास्थल पर सुरक्षा की दृष्टि से पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। इस दौरान हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी, शुऐब अहमद, रईसुल हसन, अरशद अय्यूब, अब्दुल राजिक, इस्लाम मिकरानी, विक्की खान, गुफरान मिकरानी, जिशान परवेज, आसिम मिकरानी, इमरान मिकरानी, जुबेर मिकरानी, सलमान सिद्दीकी, अमन सिद्दीकी, तरन्नुम, शहाना मतीन सिद्दीकी, उजमा अस्लाम, जाहिद शाजिया, शोफिया, जरताज एडवोकेट, अदीक मिकरानी, फातिमा रईसुल, मंतशा मिकरानी, मरियम मिकरानी, शहाना, शमां गुफरान, अलीशा मिकरानी, अकीला, मेहनाज, नसरीन, आशमा अख्तर, जावेद सिद्दीकी समेत सैकड़ों लोग शामिल रहे।

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