पानी की बर्बादी रोकने को डीएम ने तलाशे विकल्प

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हल्द्वानी। जिलाधिकारी सविन बंसल ने अधिकारियों के साथ काठगोदाम-भद्यूनी मोटर मार्ग पर पहाड़ी के दुर्गम ईलाके में मौजूद शीतलाहाट गधेरे जल स्त्रोत का निरीक्षण किया। शीतलाहाट वाटर प्लांट के निरीक्षण के दौरान जल संस्थान के अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि प्लांट को पानी पहाड़ी के ऊपर 1 किलो मीटर की दूरी पर स्थित गधेरे से मिलता है। ग्रीष्म काल में हल्द्वानी में पानी की किल्लत के समय इस प्लांट का महत्व और अधिक बढ़ जाता है और हल्द्वानी शहर को भी शीतलाहाट प्लांट से भी पेयजल आपूर्ति की जाती है। अधिकारियों की इस बात पर उन्होंने पहाड़ी पर स्थित गधेरे पर जाने की इच्छा व्यक्त की। इस पर सारा अमला डीएम के साथ गधेरे की तरफ निकल पड़ा। गधेरे के निरीक्षण के दौरान उनके संज्ञान में आया कि बरसात के समय गधेरे का अधिकांश पानी ओवर फ्लो होकर गौला नदी में समा जाता है। पानी की बर्बादी को रोकने तथा हल्द्वानी शहर को पेयजल की आपूर्ति और अधिक बेहतर हो सके, इसलिए पानी की मात्रा बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी ने निर्णय लिया कि बर्बाद होने वाले पानी को प्लांट तक पहुंचाने के लिए गधेरे में नई पाईप लाईन डालकर शीतलाहाट वाटर प्लांट से जोड़ दिया जाये। उन्होंने अधिशासी अभियंता जल संस्थान विशाल सक्सेना को निर्देश दिए कि गधेरे से प्लांट तक 200 एमएम की 750 मीटर लम्बी पाईप लाइन डालने का यथाशीघ्र प्रस्ताव बनाकर प्रस्तुत करें। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए जिलाधिकारी ने खनिज फाउण्डेशन निधि से 25 लाख की धनराशि भी मौके पर ही स्वीकृत कर दी। जिलाधिकारी की तत्परता से गधेरे के पानी की जहां बर्बादी रूकेगी, वहीं शहर को आपूर्ति होने वाले पेयजल की मात्रा में वृद्धि भी होगी। जिलाधिकारी ने ब्रिटिश शासनकाल में शीतलाहाट प्लांट से हल्द्वानी शहर को की जाने वाली पेयजल आपूर्ति प्रक्रिया, वर्तमान में चल रही पेयजल आपूर्ति प्रक्रिया, पेयजल की आपूर्ति बढ़ाने की संभावनाओं का विस्तार से मौका मुआयना किया। इसके साथ ही उन्होंने पानी क्लेरीफायर एवं पानी में एलम (फिटकरी) मिलाने की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने फिल्टर बैडों की सफाई (बैक वाॅशिंग) तथा पेयजल का क्लोरीनेशन व टरवीडीटी जांच भी अपने सामने करायी। जांच में पानी पेयजल हेतु उपयुक्त पाया गया। निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत डीके जोशी आदि मौजूद थे।

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