प्रशासन ने हल्द्वानी के 6 निजी अस्पतालों को किया अधिग्रहित

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हल्द्वानी। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए चिकित्सा सेवा में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने आपदा प्रबंधन एक्ट-2005 के तहत नगर के 6 निजी अस्पतालों को अधिग्रहित किया है। इन चिकित्सालयों में सुचारू रूप से कामकाज होगा।

जानकारी देते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि वर्तमान में डॉ सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय को नोवल कोरोना वायरस हेतु एक स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसके चलते इस चिकित्सालय में अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों का उपचार किया जाना सम्भव नहीं हो पायेगा। ऐसे में जनस्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु अतिरिक्त चिकित्सालय की आवश्यकता के दृष्टिगत निजी चिकित्सालयों को आपदा प्रबन्धन एक्ट -2005 के तहत शहर के 6 निजी अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से अधिकृत कर लिया गया हैै। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी के बृजलाल हॉस्पिटल, कृष्णा हॉस्पिटल, नीलकण्ठ हॉस्पिटल, विवेकानन्द हॉस्पिटल, सांई हॉस्पिटल तथा सेन्ट्रल हॉस्पिटल को अधिकृत कर लिया गया है। उन्होंने जारी आदेश में कहा है कि समस्त चिकित्सालयों मे चिकित्सक व सहवर्ती स्टाफ सुचारू रूप से सामान्य दिवसों में चिकित्सालय संचालन की भांति तैनात रहकर कार्य करेंगे। चिकित्सालय में परीक्षण, उपचार से सम्बन्धित समस्त उपकरण, लैब, एक्सरे, एमआरआई, वेन्टीलेटर व अन्य सुविधायें सुचारू रूप से संचालित रखेंगे। चिकित्सालय में रोस्टर के अनुसार दिन व रात्रि में चिकित्सकीय स्टाफ की तैनाती भी की जायेगी।

उन्होंने कहा कि चिकित्सालय प्रबन्धन यह सुनिश्चित करेगा कि चिकित्सालय में उपचार हेतु राजकीय चिकित्सालय से रैफर होकर आने वाले मरीजों के उपचार तथा भर्ती की प्रक्रिया में कोई व्यवधान ना हो। सभी अधिकृत चिकित्सालयों के मेडिकल स्टोर भी सुचारू रूप से संचालित किये जायेंगे। उन्होेंने स्पष्ट किया कि उपचार व उपचार प्रक्रिया में शिथिलता बरतने पर मेडिकल काउन्सिल एक्ट-1956 के प्राविधानों के अन्तर्गत चिकित्साधिकारी के विरूद्घ विधिक कार्यवाही की जायेगी। आदेशों के अनुपालन में शिथिलता बरतने पर सम्बन्धित के विरूद्घ आईपीसी की धारा-188 तथा अन्य धाराओं मेें दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

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