कोरोना वायरस से दुनिया भर में 4,633 लोगों की मौत

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नईदिल्ली। दुनिया में कोरोना वायरस महामारी का रूप धारण कर रहा है। चीन के बाहर कोरोना से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। इटली और ईरान में तेजी से संक्रमण फैल रहा है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक दुनिया के 124 देश कोरोना की चपेट में हैं और कुल 1,26,367 लोग कोरोना से संक्रमित हैं. दुनिया भर में अबतक 4,633 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुल 68,304 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है।
चीन, ईरान और इटली में महामारी बने कोरोना वायरस को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी महामारी घोषित कर दिया है. भारत ने कोरोना वायरस के मद्देनजर विदेश से आने वाले लोगों का वीजा 15 अप्रैल तक के लिए सस्पेंड कर दिया गया है. इस प्रतिबंध से राजनायिकों, अधिकारियों, सयुंक्त राष्ट्र संघ और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कर्मचारियों को छूट मिलेगी। यह प्रतिबंध 13 मार्च 2020 से ही लागू हो जाएगा। कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगले एक महीने के लिए यूरोप से अमेरिका की सभी यात्राओं पर पाबंदी लगा दी है। हालांकि यूके को इस रोक से अलग रखा गया है। अमेरिका में कोरोना वायरस से अब तक 38 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 1300 लोग इससे संक्रमित बताए जा रहे हैं। कोरोना वायरस से दुनिया भर में अब तक 6,474 लोगों की मौत हो चुकी है। विभिन्न आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर एएफपी द्वारा की गई गणना से यह सूचना प्राप्त हुई है। फ्रांस में एक दिन में 29 कोरोना वायरस मरीजों की मौत हुई है। ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ ने कोरोना के डर की वजह से बर्मिंगम पैलेस छोड़ दिया है और उन्हें विंडसर कैसल ले जाया गया है. इसके पीछे योजना है कि यदि देश में कोरोना वायरस का प्रकोप हो गया तो उन्हें और प्रिंस फिलिप को सेंड्रिंगम में अलग रखा जा सके।
विगत कुछ सप्ताहों के दौरान कोविड-19 (कोरोना वायरस) के मौजूदा प्रकोप और कोविड-19 प्रबंधन के लिए लॉजिस्टिक संबंधी चिंताओं के परिप्रेक्ष्य में तथा यह भी देखते हुए कि मास्क (2 प्लाई एवं 3 प्लाई सर्जिकल मास्क, एन95 मास्क) और हैंड सैनिटाइजर या तो बाजार में अधिकांश विक्रेताओं के पास उपलब्ध नहीं है अथवा बहुत अधिक कीमतों पर काफी मुश्किल से उपलब्ध हो रहे हैं, सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की अनुसूची में संशोधन करते हुए, इन वस्तुओं को दिनांक 30 जून, 2020 तक आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत आवश्यक वस्तु के रूप में घोषित करने के लिए एक आदेश अधिसूचित किया है। सरकार ने विधिक माप विज्ञान अधिनियम के तहत एक एडवाइजरी भी जारी की है। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत, राज्य, विनिर्माताओं के साथ विचार-विमर्श करके उनसे इन वस्तुओं की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाने के लिए कह सकते हैं जबकि विधिक माप विज्ञान अधिनियम के तहत राज्य इन दोनों वस्तुओं की अधिकतम खुदरा मूल्य (एम.आर.पी.) पर बिक्री सुनिश्चित कर सकते हैं।
इन दोनों वस्तुओं के संबंध में, राज्य अपने शासकीय राजपत्र में अब केंद्रीय आदेश को अधिसूचित कर सकते हैं और इसके लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अपने स्वयं के आदेश भी जारी कर सकते हैं और संबंधित राज्यों में व्याप्त परिस्थितियों के अनुसार कार्रवाई कर सकते हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत, केंद्र सरकार की शक्तियां वर्ष 1972 से 1978 के आदेशों के माध्यम से राज्यों को पहले ही प्रत्यायोजित की जा चुकी हैं। अतः, राज्यध्संघ राज्य क्षेत्र आवश्यक वस्तु अधिनियम और चोरबाजारी निवारण एवं आवश्यक वस्तु प्रदाय अधिनियम के तहत उल्लंघनकर्ताओं के विरूद्ध कार्रवाई कर सकते हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत किसी उल्लंघनकर्ता को 7 वर्ष के कारावास अथवा जुर्माने अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है तथा चोरबाजारी निवारण एवं आवश्यक वस्तु प्रदाय अधिनियम के तहत, उसे अधिकतम 6 माह के लिए नजरबंद किया जा सकता है।

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