डॉ सुशीला तिवारी अस्पताल में मरीजों को नहीं मिल रहे सर्जिकल उपकरण, सीएम के जनसंपर्क अधिकारी ने लिया संज्ञान

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हल्द्वानी। डॉ सुशीला तिवारी अस्पताल में उपचार को जाने वाले मरीजों को इन दिनों काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां मरीजों को सर्जिकल उपकरण नहीं मिल रहे हैं। जिसके चलते उन्हें बाहर से यह उपकरण खरीदने को बाध्य होना पड़ रहा है। इस मामले में मुख्यमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी विजय बिष्ट ने कॉलेज प्राचार्य को 15 दिन के भी टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। डॉ सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय कुमाऊं का सबसे बड़ा रैफरल अस्पताल है। यहां हल्द्वानी नगर के साथ ही कुमाऊं के श‌‌‌हरों-गांवों के अलावा उत्तर प्रदेश के कई शहरों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज अपना उपचार कराने पहुंचते हैं। लेकिन इन दिनों चिकित्सालय में सर्जिकल उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। सर्जिकल उपकरण न होने से आयुष्मान व बीपीएल कार्ड धारक मरीजों को बाजार से मनमाने दामों में इम्पलान्ट खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। सर्जिकल उपकरण उपलब्ध न होने की वजह चिकित्सालय में टेंडर प्रक्रिया का बाधित होना बताया जा रहा है। बताया जाता है कि करीब एक वर्ष से अस्पताल में सर्जिकल उपकरणों की खरीद नहीं हो पाई है। जिसके चलते मरीजों को जहां उपचार कराने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं उन पर बाहर से सर्जिकल उपकरण खरीदने से आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है। इसकी शिकायतें मरीजों व उनके तीमारदारों द्वारा मुख्यमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी विजय बिष्ट से की गई। विजय बिष्ट ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया है। साथ ही उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर नाराजगी भी जाहिर की है। उनका कहना है कि अस्पताल में सर्जिकल उपकरण की खरीद न होना गंभीर विषय है। इससे मरीजों को परेशानी के साथ-साथ आर्थिक बोझ भी झेलना पड़ रहा है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ सीपी भैसोड़ा को निर्देश दिये हैं कि वह अस्पताल में सर्जिकल उपकरण खरीदने के लिए टेंडर की प्रक्रिया 15 दिन के अंदर पूर्ण कर लें। जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।

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