जमरानी बांध परियोजना को पंख लगने शुरू

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हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना को अब पंख लगने शुरू हो गये हैं। भारत सरकार ने बहुप्रतीक्षित इस योजना को राष्ट्रीय योजना में शामिल कर लिया है। इस परियोजना में सभी प्रकार के फंडिंग एशियन डप्लमैंट बैक (एडीबी) द्वारा की जायेगी।

परियोजना का सतही तौर पर निरीक्षण करने के लिए एडीबी की छः सदस्यीय टीम विगत सोमवार से जामरानी क्षेत्र तथा जनपद के अन्य क्षेत्रों मे भ्रमण पर रही। इस टीम में वाटर रिसोर्स स्पेशलिस्ट एसएईआर के प्रिसिंपल अरनाउड क्यूहोशिश, एसोशिएट इन्वायरमैंन्ट ऑफिसर एसएईआर ब्रान्डो एजिंल्स, होस्टिस वाटर रिसोर्स स्पेशलिस्ट एसएईआर मैरी एल, इन्वायरमैन्ट स्पेशलिस्ट फ्रांसिको रिचिआरडी, सीनियर प्रोजेक्ट ऑफिसर नेशनल रिसोर्स एण्ड एग्रीकल्चर राजेश यादव, एसोशिएट प्रोजेक्ट ऑफिसर आईएनआरएम कृष्णा एस रौतेला दौरे पर रहेे।

मंगलवार की सुबह टीम के सदस्यों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ अमृतपुर, गौलापार क्षेत्रों का भ्रमण किया। सदस्यों द्वारा आवश्यक जानकारियां एवं सूचनायें एकत्रित की गई। इसके उपरान्त टीम के सदस्यों की आयुक्त कुमायूं मण्डल एवं सचिव मुख्यमंत्री राजीव रौतेला, जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर डॉ नीरज खैरवाल तथा जिलाधिकारी नैनीताल सविन बंसल की मौजूदगी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयुक्त शिविर कार्यालय में सम्पन्न हुई। टीम सदस्यों ने आयुक्त से वार्ता कर दो दिन में किये गये प्रोजेक्ट के अध्ययन की चर्चा की। आयुक्त ने बताया कि जमरानी प्रोजेक्ट कुमाऊं का ही नहीं उत्तराखण्ड का महत्वपूर्व प्रोजेक्ट है। इस परियाजना को परियावणीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद इस परियोजना के वित्त प्रबंधन का जिम्मा संभालने वाले एडीबी के सदस्यों को अब तक स्थानीय प्रशासन द्वारा जामरानी बांध को लेकर किया गया होमवर्क और पूरा डाटा एडीबी की टीम को सौंपा गया है जो अब इसका सोशल इम्पैक्ट एसेसमेंट करते हुये आगे की कार्यवाही करेंगे।

उन्होंने बताया कि कुमाऊं क्षेत्र में सिंचाई व पेयजल की दशकों पुरानी बहुप्रतीक्षित परियोजना जमरानी बांध मे तेजी से निर्माण कार्य प्रारम्भ हो इसके लिए एडीबी टीम को सभी डाटा सौंपा गया हैै। इसके साथ ही टीम सदस्यों द्वारा स्थलीय निरीक्षण करने के बाद कुछ और आवश्यकतायेें और अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा है, जिसे प्रशासन पूरा कर रहा है। श्री रौतेला ने कहा टीम सदस्यों द्वारा सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। कहा कि धारा 11 तहत डूब क्षेत्र में आने वाले लोगों की भूमि परियोजना कि लिए अधिकृत की जायेगी तथा प्रभावित लोगों को प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशन में जनपद ऊधमसिंह नगर के सितारंगज, खटीमा तथा चम्पावत के बनबसा कस्बों मे पुनःविस्थापित किया जायेगा। जल्द ही भविष्य में जामरानी परियोजना पर चरणबद्व तरीके से कार्य प्रारम्भ हो जायेगा। बैठक में विभागाध्यक्ष सिंचाई मुकेश मोहन, मुख्य अभियन्ता सिंचाई एमसी पाण्डे, अधीक्षण अभियन्ता संजय शुक्ला, अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व सुरेन्द्र सिंह जंगपांगी, अपर जिलाधिकारी नजूल जगदीश चन्द्र काण्डपाल, भूमि आधिपत्य अधिकार एनएस नबियाल आदि मौजूद थे।

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