पर्यटन के तौर पर विकसित होगा अश्वमेघ यज्ञ स्थल

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देहरादून। ऐतिहासिक सांस्कृतिक महत्व के अश्वमेघ यज्ञ स्थल को पर्यटन के तौर पर विकसित किया जायेगा। यह बात पूर्व राज्यसभा सांसद तरूण विजय और जिलाधिकारी सी रविशंकर द्वारा विकासनगर के समीप स्थित बाड़वाला (ऐतिहासिक जगतपुर) के संयुक्त भ्रमण के दौरान कही। पूर्व सांसद ने इतने व्यापक महत्व के तथा यहां की आर्थिकी के लिए मील का पत्थर साबित होने वाले ऐतिहासिक यद्य वेदिका स्थल के अभी तक राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय परिदृश्य के साथ ही पर्यटकों से ओझल होने पर आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने इस स्थल को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल करवाने और इसके विकास में हर संभव प्रयास करने को कहा। उन्होंने कहा कि पुरातत्व विभाग द्वारा इस स्थान से उत्खनित सभी सामग्री को सामने लाकर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा। भ्रमण के दौरान उन्होंने कहा कि इसकी ब्राण्डिंग ‘‘ गरूण-अश्व’’ के संयुक्त डिजाईन वाले लोगो को दर्शाते हुए करने की जरूरत है। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने इस दौरान राजस्व विभाग, पर्यटन विभाग, लोक निर्माण विभाग, पुरातत्व सर्वेक्षण और स्थानीय प्रधान को आपसी समन्वय से यद्य वेदिका स्थल के सुगम आवागमन, स्थल का संरक्षण, पर्यटकों के आवागमन, बैठने और निरीक्षण करने के लिए स्थल पर पेयजल, शौचालय, पार्किंग इत्यादि जरूरी बेसिक सुविधाओं को विकसित करने के साथ ही प्रचार-प्रसार, ब्राण्डिंग करने के सम्बन्ध में संयुक्त निरीक्षण करते हुए एक व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि स्थल तक सड़क निर्माण के लिए भूमि स्वामी से व्यक्तिगत पहल करके समाधान तलाशें और सड़क निर्माण के साथ ही रेलिंग, संरक्षण व डिजाईन कार्य इस तरह से करें कि स्थल की ऐतिहासिक और नैसर्गिक वाताकरण पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि जो भी निर्माण कार्य करें वे प्राकृतिक तरीके से ही करें, जिससे उसकी मौलिक पहचान भी बरकरार रहे। जिलाधिकारी ने इस ऐतिहासिक स्थल को पर्यटकों से जोड़ने के लिए गरूड और घोड़े (अश्व) के लोगो वाले आकर्षण साइनबोर्ड बेहतर तरीके से डिजाईन करते हुए उसको हर्बटपुर-पाउण्टा मार्ग, यमुनोत्री मार्ग, कालसी-चकराता मार्ग सहित विकासनगर के महत्वपूर्ण स्थानों पर चस्पा करने के निर्देश दिये। उन्होंने यद्य वेदिका स्थल पर पर्यटक को फल पर्यटक से संयुक्त करते हुए आम के फल की प्रतियोगिता स्थल पर करवाने के नजरिये से भी कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद अभी तक पर्यटकों की दृष्टि से ओझल इस स्थल का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करते हुए पर्यटन को बढावा देकर इस क्षेत्र के लोगों की आजीविका को बढाना है। उन्होंने कहा कि लोग यहां से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अनुभव के साथ ही हरे-भरे पर्यावरण का भी खुशनुमा अहसास लेकर जायेंगे। साथ ही कहा कि इस स्थल को 13 जनपद-13 पर्यटन स्थल से भी जोड़ने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने पर्यटन स्थल पर पर्यटकों की सहायता के लिए कार्मिकों की जरूरत पूर्ति हेतु स्थानीय ग्राम प्रधान से भी स्थानीय स्तर पर लोगों का समूह गठित करने के लिए कहा तथा इस हेतु रखे जाने वाले कार्मिकों को प्रशिक्षण-लोनिंग इत्यादि हरसंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस दौरान उप जिलाधिकारी विकासनगर सौरभ असवाल, जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल चैहान, तहसीलदार विकासनगर प्रकाश आर्य, सहायक अधीक्षण पुरातात्विक अभियंता रणजीत सिंह व संरक्षण सहायक एम.एस रावत, ग्राम प्रधान अरूण खत्री सहित स्थानीय लोग उपस्थित थे।

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