भारत की दशकीय जनगणना-2021 की तैयारियों के लिए प्रशिक्षण शुरू

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अल्मोड़ा। भारत की दशकीय जनगणना-2021 की तैयारियों को लेकर बहुउददेशीय सभागार में जिला स्तरीय चार्ज व सहायक चार्ज अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में बोलते हुए अपर जिलाधिकारी बी0एल0 फिरमाल ने सभी चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। इसके आधार पर ही किसी भी क्षेत्र विशेष की विकास योजनाएं तैयार की जाती है और इसमें छोटी सी भी त्रुटि होने से सभी चीजें प्रभावित हो जाती है इसलिए जनगणना कार्यो के लिए दिए जा रहे प्रशिक्षण को गम्भीरता से लेते हुए पूरी जिम्मेदारी के साथ जनगणना कार्यो का निर्वहन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने जनगणना के कार्य का अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये साथ ही लोगो से अपील की, कि वे जनगणना कार्य में लगे प्रगणकों को आवश्यक सूचनायें एवं सही जानकारी उपलब्ध करायें जिससे जनगणना में सही आंकड़े प्राप्त हो सके।  
प्रशिक्षण में जनगणना निदेशालय, देहरादून के उप निदेशक एस0एस0 नेगी ने बताया कि जनगणना-2021 का पहला चरण 01 मई से 15 जून 2020 तक चलेगा। इस दौरान मकानों की गणना और सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। जबकि दूसरे चरण में 09 से 28 फरवरी 2021 तक प्रगणक द्वारा घर-घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बार कि जनगणना पेपर मोड एवं मोबाईल एप्लीकेशन दोनों स्तर पर की जानी है, ताकि सही एवं सटीक आंकड़े एकत्रित किए जा सके। उन्होंने सभी चार्ज अधिकारियों को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जनगणना के इतिहास एवं महत्व के बारे बताते हुए जनगणना-2021 के तहत किए जाने वाले कार्यो की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आम आदमी के लाभ हेतु विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं बनाने के लिए जमीनी स्तर की सूचनाएं जनगणना के तहत एकत्रित जानकारी के आधार पर ही की जाती है।  उन्होंने जनगणना के दौरान गुणवत्ता एवं समरूपता का विशेष ध्यान रखने को कहा ताकि ये आंकडे भविष्य में योजनाएं बनाने में सहायक सिद्व हो सके।
उप निदेशक ने बताया  कि भारत में दशकीय जनगणना 1872 से निर्बाध रूप से होती आ रही है। यह दशकीय जनगणना देश की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी। जनगणना देश, राज्य, जिला, शहर, वार्ड और ग्राम स्तर पर प्राथमिक आंकडों का सबसे बडा स्रोत है। भारत की जनगणना का मकान की स्थिति, सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों, जन सांख्यिकीय, धर्म, अनुसूचित जाति, जनजाति, भाषा, साक्षरता, शिक्षा, आर्थिक गतिविधि, प्रवसन एवं प्रजननता सहित विभिन्न मानकों से संबधित आधारभूत आंकड़े उपलब्ध कराने का 150 वर्षो का स्वर्णिम इतिहास रहा है।
प्रशिक्षण में सहायक निदेशक तान्या सेठ ने जनगणना कार्य के दौरान विधिक जानकारियों से उपस्थित चार्ज एवं सहायक चार्ज अधिकारियों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जनगणना में संकलित किए गए आंकड़े बहुत ही महत्वपूर्ण होते है, क्योंकि ये देश की योजना एवं विकास के लिए ठोस आधार उपलब्ध कराते है। इस दौरान जनपद स्तरीय मास्टर ट्रेनर/मुख्य शिक्षाधिकारी एच0बी0 चन्द, परियोजना निदेशक नरेश कुमार, जिला समन्वयक जनगणना वी0के0 प्रजापति, सूचना विज्ञान अधिकारी अमित लाम्बा, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका श्याम सुन्दर प्रसाद के अलावा जनपद के समस्त तहसीलदार/चार्ज अधिकारी, नायब तहसीलदार/सहायक चार्ज अधिकारी उपस्थित थे।

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