वृन्दावन में रास रचो है…….

खबर शेयर करें

होली के रंग में रंगे नगर व ग्रामीण क्षेत्र


हल्द्वानी। नगर व आस-पास के ग्रामीण क्षेत्र पूरी तरह होली के रंग में रंगे हुए हैं। प्रातः से लेकर शाम तक लोग होली गायन कर रहे हैं। कहीं खड़ी तो कहीं बैठकी होली का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें होल्यार जमकर अबीर-गुलाल उड़ा रहे हैं। कहीं पुरुषों की खड़ी होली से रंग जम रहा है तो कहीं महिलाएं बैठकी होली में ठुमके लगा रही हैं। जगह-जगह आयोजित हो रहे होली मिलन समारोह में भी लोग हिस्सा ले रहे हैं। घरों में भी लोगों द्वारा होली गायन का आयोजन किया जा रहा है।

गौड़धड़ा बिठौरिया नंबर एक में युगल किशोर डूंगराकोटी के आवास पर आयोजित खड़ी होली में होल्यारों ने लंका होत लड़ाई रावण है मतवालो.., तुम भज लो सिया रघुनंदन को.., ‘मत भूलो यशोदा नन्दन को, मन जपलो यशोदा नन्दन को,’ ‘हां जी राधे यमुना अकेली मत जइयो, वहीं रहैं चित चोर राधे,’ ‘एक ओर हर खेलें होरी, एक ओर नन्दलाला बे,’ ‘मत मारो मोहन पिचकारी,’ ‘फूटे गागर भीजे चूनर,’ ‘होरी खेले नन्दा को लाल मोसें फागुन में,’ ‘वृन्दावन में रास रचो है’ आदि होलियां गायी गई।

इधर मकसद संस्था द्वारा संस्कृति निदेशालय के सहयोग से कड़ाकोट भिकियासैंण में पारंपरिक होली उत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं ने कुमाउंनी बैठकी होली गीतों से माहौल को रंगीन बना दिया। होली उत्सव का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना व गुलाल लगाने से हुई। इसके बाद महिला होल्यारों ने रंग डारी दियो हो अलबेलियन में…, गए रामचन्द्रन रंग लेने को गए, गए लछमन रंग लेने को गए…, रंग डारी दियो हो सीतादेहि में…, झनकारो झनकारो झनकारो, गोरी प्यारो लगो तेरो झनकारो.. आदि होली गीतों पर जमकर ठुमके लगाए। इसके अलावा देवर-भाभी के हंसी मजाक से जुड़े होली गीत फागुन में बुढ़वा देवर लागे… आदि से हंसी ठिठखेलियां भी की। महिला द्वारा खोलदे माता खोल भवानी घर में केवाड़ा, अहां धौली गंगा भागीरथी को के भला रेवाड़ा आदि पारंपरिक झोड़े भी गाये। इस दौरान हेमा बिष्ट, पुष्पा बिष्ट, मंजू देवी, आशा, हंसी, नीमा देवी, सरोज, शांति, कमला, धर्मा, दया, जयंती, देवकी, गीता, मधुली देवी आदि महिलाएं मौजूद रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *